​UP Big Updates: 69 हजार शिक्षक भर्ती पर सुप्रीम कोर्ट का नया आदेश | राज्य कर्मचारियों को 45 दिन में मिलेगा मेडिकल रीइम्बर्समेंट

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​69 हजार शिक्षक भर्ती मामला: सुप्रीम कोर्ट में अब 16 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़े 19 हजार सीटों पर आरक्षण में गड़बड़ी के आरोपों वाले मामले पर सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई जारी है। बुधवार को सुनवाई के दूसरे दिन न्यायालय ने मामले से जुड़े सभी पक्षों को एक अहम निर्देश दिया है।
​मुख्य बिंदु:
​अगली सुनवाई की तारीख: सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर अब 16 सितंबर को अगली सुनवाई करेगा।
​दस्तावेजों का कंपाइलेशन: न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी की पीठ ने सभी पक्षों को अलग-अलग फाइल पेश करने के बजाय एक संक्षिप्त और ओवरऑल कंपाइलेशन (संकलन) दाखिल करने का निर्देश दिया है।
​5-पेज का संक्षिप्त विवरण: कोर्ट के आदेशानुसार, एक ही पक्ष से बहस करने वाले सभी अधिवक्ता शनिवार तक मुख्य तर्क और दस्तावेज़ जमा करेंगे, जिसके बाद प्रत्येक पक्ष केवल 5 पेज का कंपाइलेशन देगा।
​आगे की बहस का आधार: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आगे की बहस इसी 5 पेज के कंपाइलेशन और ओवरऑल पक्ष के आधार पर की जाएगी।
​कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या हुआ?
सुनवाई के दौरान जब चयनित शिक्षकों की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ भटनागर पक्ष रखने खड़े हुए, तो पीठ ने कहा कि अभी उनकी बारी नहीं है। पहले से बहस कर रहे अधिवक्ता राकेश द्विवेदी की दलील पूरी होने के बाद ही अन्य पक्षों को सुना जाएगा।

​राज्य कर्मचारियों व पेंशनरों को राहत: चिकित्सा प्रतिपूर्ति का भुगतान अब 45 दिनों में, ऑनलाइन करना होगा दावा

​उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए चिकित्सा प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) के भुगतानों को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। अब जनहित स्वास्थ्य पोर्टल के माध्यम से सीधे ऑनलाइन दावा किया जा सकेगा।
​प्रमुख बदलाव और नियम:​ऑनलाइन पोर्टल सेवा: कर्मचारियों और पेंशनरों को अब ‘जनहित स्वास्थ्य पोर्टल’ पर सिटिजन लॉगिन के जरिए यूजर आईडी और पासवर्ड बनाकर ‘पेमेंट ऑफ मेडिकल रीइंसर्मेंट’ (Payment of Medical Reimbursement) का विकल्प चुनना होगा।
​समय सीमा:
​30 दिन के अंदर: इलाज शुरू होने के 30 दिनों के भीतर अपने विभाग को जानकारी देनी होगी।
​90 दिन के अंदर: जनहित स्वास्थ्य पोर्टल पर चिकित्सा प्रतिपूर्ति का दावा और दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
​45 कार्यदिवस में भुगतान: दावा प्राप्त होने के 45 कार्यदिवसों के भीतर प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।
​मानव संपदा पोर्टल से जुड़ाव: अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार जनहित स्वास्थ्य पोर्टल को मानव संपदा (HRMS) पोर्टल से जोड़ा गया है, जिससे कर्मचारियों का व्यक्तिगत और सेवा विवरण स्वतः प्रदर्शित होगा।
​किन-किन मदों में मिलेगा लाभ?
एसजीपीजीआई लखनऊ और एम्स दिल्ली की निर्धारित दरों के आधार पर प्रतिपूर्ति का भुगतान 10 प्रमुख मदों में किया जाएगा—जैसे सर्जरी, डायलिसिस, कैंसर उपचार, फिजियोथेरेपी, जांच, दवा, रूम रेंट और इम्प्लांट आदि।
​लाभार्थी:
इस नई व्यवस्था से प्रदेश के 16.35 लाख कर्मचारियों और 11.53 लाख पेंशनरों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने और कागजी फाइलों की लंबी प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी।

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