उत्तर प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) और शिक्षा विभाग से जुड़ी दो बड़ी अहम खबरें सामने आई हैं। एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने हाल ही में घोषित परीक्षा परिणामों को लेकर स्थिति साफ कर दी है, वहीं दूसरी ओर शिक्षामित्रों को विशेष TET परीक्षा में अवसर देने की मांग तेजी से उठने लगी है। अगर आप भी यूपी में शिक्षक भर्ती या पात्रता परीक्षा से जुड़े अपडेट्स का इंतजार कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
UP TET Results: डिजिलॉकर में सुरक्षित भेजे जा रहे हैं परीक्षा परिणाम
हाल ही में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से परीक्षा परिणाम हटने के बाद अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई थी। आयोग ने इस पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए बताया है कि परीक्षा के नतीजों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। एक सप्ताह तक ही वेबसाइट पर रहते हैं परिणाम: आयोग के नियमों के अनुसार, घोषित किए गए परिणाम केवल 7 दिनों के लिए ही आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध कराए जाते हैं। डिजिलॉकर (DigiLocker) में ट्रांसफर प्रोसेस जारी: 26 अगस्त को जारी किए गए परीक्षा परिणामों को अब सीधे अभ्यर्थियों के व्यक्तिगत डिजिलॉकर खातों में स्थानांतरित किया जा रहा है। नतीजे बिल्कुल सुरक्षित: उम्मीदवारों को परिणाम को लेकर परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, उनका स्कोरकार्ड डिजिलॉकर में सुरक्षित रहेगा।
विशेष TET: शिक्षामित्रों को भी परीक्षा में शामिल करने की उठी मांग
शिक्षक पात्रता परीक्षा (Special TET) में अब शिक्षामित्रों को भी मौका देने की मांग की जा रही है। विधान परिषद सदस्य (MLC) डॉ. मानवेन्द्र प्रताप सिंह ने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। क्या है मांग? बिना शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण किए कार्यरत शिक्षकों को अपनी पात्रता पूरी करने के लिए विशेष TET का अवसर दिया जा रहा है। इसी तर्ज पर दूसरी बड़ी अपडेट परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों से जुड़ी है। प्रदेश में पहली बार आयोजित की जाने वाली विशेष शिक्षामित्रों को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए। समान अवसर का तर्क: CWSN (विशेष आवश्यकता वाले बच्चों) के लिए कार्यरत शिक्षकों और एजुकेटरों की तरह शिक्षामित्रों को भी इस परीक्षा में बैठने की अनुमति मिलनी चाहिए, ताकि वे भी अपनी योग्यता में सुधार कर सकें।
निष्कर्ष
शिक्षा आयोग द्वारा परिणामों को डिजिलॉकर में भेजने की प्रक्रिया से अभ्यर्थियों को भविष्य में अपने दस्तावेज सुरक्षित रखने में सहूलियत मिलेगी। वहीं, अगर सरकार शिक्षामित्रों की विशेष TET में शामिल होने की मांग स्वीकार करती है, तो यह प्रदेश के हजारों शिक्षामित्रों के लिए एक बड़ा राहत भरा कदम साबित हो सकता है।